पंजाब सरकार ने मोहाली कॉरिडोर पर लगभग 1,200 एकड़ की लैंड पूलिंग योजना मंज़ूर की — 2019 के बाद की सबसे बड़ी मंज़ूर योजना।
बुधवार देर रात कैबिनेट बैठक में मंज़ूर योजना छह गांवों को कवर करती है और साझा मालिकाना की कृषि भूमि को विकसित रेसिडेंशियल व कमर्शियल सेक्टरों में बदलेगी। अधिकारियों ने कहा कि मालिकों को नक़द मुआवज़े की जगह उनकी असली ज़मीन के हिस्से के बराबर विकसित प्लॉट मिलेंगे।
नक़द मुआवज़ा हमेशा मुक़दमेबाज़ी में खत्म होता है।
अधिकारियों ने कहा कि अधिग्रहण सूचनाएं छह हफ्तों में जारी होंगी। विकास टाइटल सत्यापन के बाद शुरू होने की उम्मीद है, और पहले रेसिडेंशियल सेक्टरों की नीलामी अगले साल संभव है।
बातचीत से वाक़िफ़ लोगों के मुताबिक़ छह में से दो गांवों ने पहले योजना का विरोध किया था। सरकार ने सूचनाएं जारी होने तक आपत्तियों के लिए खिड़की खुली रखी है।


